चंडीगढ़, 11 जून।
अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति और सीटू ने कुरुक्षेत्र के एलएनजेपी अस्पताल मामले में हरियाणा राज्य महिला आयोग की निवर्तमान अध्यक्ष रेणु भाटिया द्वारा नर्सिंग स्टाफ के खिलाफ की गई बेहद शर्मनाक और आपत्तिजनक टिप्पणी की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। संगठनों ने स्पष्ट किया है कि केवल इस्तीफा देना इस गंभीर अपराध का समाधान नहीं है; सरकार उन्हें तुरंत बर्खास्त करे।
गौरतलब है कि कुरुक्षेत्र में एक नाबालिग के साथ हुए यौन उत्पीड़न मामले में पीड़िता से मिलने के बाद, रेनू भाटिया ने नर्सिज को बेहद आक्रामक और अपमानजनक ढंग से उनकी बेटी को बलात्कारी के पास अकेले छोड़ देने की धमकी दी। जब इसके खिलाफ नर्सों ने रेनू भाटिया के इस्तीफे और माफी की मांग की तो रेनू भाटिया ने मर्यादा की सारी सीमाओं को तार तार करते हुए बेहद घटिया और शर्मनाक बयान दिया। उन्होंने कहा कि ‘ नर्सों को बच्ची से माफी मांगनी चाहिए, अगर कोई मुझसे पूछे कि यह माफी कैसे दी जाए, तो मैं कहूंगी कि उन्हें भी उसी प्रक्रिया से गुजरना पड़ेगा जिससे बच्ची गुजरी है’ । उन्होंने माफी मांगने की शर्त के रूप में जो घिनौनी और मर्यादाविहीन प्रक्रिया अपनाने की बात कही, वह सीधे तौर पर कामकाजी महिलाओं के आत्मसम्मान और गरिमा पर हमला है।
जनवादी महिला समिति की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जगमति सांगवान, राज्य अध्यक्ष सविता, महासचिव उषा सरोहा तथा सीटू के राज्य महासचिव जयभगवान, कुरुक्षेत्र की जिला संयोजक रानी ने कहा कि उनकी यह टिप्पणी बेहद शर्मनाक और घिनौनी है, इससे हर संवेदनशील नागरिक घोर मानसिक आघात पंहुचा है। नर्सों को बलात्कार की प्रक्रिया से गुजारने की धमकी देना किसी सूरत बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। बेशक उन्होंने नर्सों के संगठित विरोध और व्यापक प्रतिरोध के बाद इस्तीफा दे दिया है और गोल मोल ढंग से माफी मांगी है परंतु उनका यह बयान उनके घोर अहंकार और महिला विरोधी मानसिकता को दर्शाता है। दरअसल वे महिला आयोग की निष्पक्ष अध्यक्ष के रूप में काम करने के बजाय लगातार एक खास राजनीतिक विचारधारा की प्रचारक की भूमिका में काम कर रही थीं।
जनवादी महिला समिति और सीटू मांग करते हैं कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी उन्हें पद से पूरी तरह बर्खास्त करने का आधिकारिक आदेश जारी करें। इसके साथ ही, कामकाजी महिलाओं का सरेआम अपमान करने और उनकी गरिमा को ठेस पहुंचाने के जुर्म में रेणु भाटिया के खिलाफ एफआईआर दर्ज करते हुए सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
जनवादी महिला समिति और सीटू नर्सिंग स्टाफ और स्वास्थ्य कर्मियों के इस स्वाभिमान आंदोलन के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है। यदि सरकार ने ऐसे संवेदनहीन तत्वों पर नकेल नहीं कसी, तो संगठन पूरे प्रदेश में महिलाओं को लामबंद कर सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरने को मजबूर होगा। संगठन यह भी मांग करते हैं कि दागी डॉक्टर शैलेंद्र शर्मा को दोबारा नियुक्ति देने वाले लोगों को चिह्नित कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करे। इसके लिए संगठन स्वास्थ्य मंत्री से मिलेंगे। संगठन यह भी मांग करते हैं कि मामले की फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से हर रोज सुनवाई करते हुए पीड़िता बच्ची को जल्द से जल्द न्याय दिलवाया जाए।






