पुलिस डी.ए.वी. पब्लिक स्कूल, अंबाला शहर में आज ह्यूमन फाउंडेशन संस्था के मार्गदर्शन में “तत्व बोध” प्रोजेक्ट का शुभारंभ

अंबाला :(निखिल सोबती)पुलिस डी.ए.वी. पब्लिक स्कूल, अंबाला शहर में आज ह्यूमन फाउंडेशन संस्था के मार्गदर्शन में “तत्व बोध” प्रोजेक्ट का शुभारंभ किया गया। इस प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को जैव विविधता के महत्व और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना था।मुख्य वक्ता राजिंदर वशिष्ठ ने ” जैव विविधता ” विषय पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि पारिस्थितिकी तंत्र विविधता का अर्थ है जंगल, तालाब, खेत और शहरी क्षेत्र जैसे अलग-अलग आवासों का होना। वहीं प्रजाति विविधता से तात्पर्य एक क्षेत्र में पाए जाने वाले विभिन्न प्रकार के पेड़-पौधों, पक्षियों और जीव-जंतुओं से है। हमारे आस पास के क्षेत्र के पीपल, बरगद, नीम जैसे देशी पेड़ तापमान को नियंत्रित करते हैं, मिट्टी के कटाव को रोकते हैं और अनेक पक्षियों व जीवों को आवास प्रदान करते हैं।कार्यक्रम की दूसरी मुख्य वक्ता प्रोफ़ेसर गरिमा जैन ने “तत्व बोध” को विद्यालयों में लागू करने की आवश्यकता पर बल दिया ताकि बच्चों में बचपन से ही प्रकृति के प्रति सम्मान और जिम्मेदारी का भाव विकसित हो सके । उन्होंने स्कूल के प्राचार्य व बच्चो की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह स्कूल पर्यावरण संरक्षण के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है। उन्होंने छात्रों द्वारा किये गए दैनिक जीवन में पक्षियों के बर्ड फीडर, जन्तुओ के भोजन व्यवस्था, कम्पोस्ट पिट व पौधारोपण की भूरि-भूरि प्रशंसा की। उन्होंने बच्चो के द्वारा बनाये गए saviour club की भी प्रशंसा की। उन्होंने बच्चों को प्रकृति के साथ समन्वय बनाने के बारे में समझाया और बच्चों से इस विषय पर प्रश्न किये और इसमें सभी बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपने संदेह दूर किए।इस अवसर पर विद्यालय के प्रिंसिपल डॉ. विकास कोहली ने अपने वक्तव्य में कहा कि आज के समय में हमारा प्राकृतिक वातावरण विभिन्न प्रकार के प्रदूषण के कारण दूषित होता जा रहा है। इसलिए हमारे आस पास के वातावरण को शुद्ध व स्वच्छ रखने के लिए ह्यूमन फाउंडेशन संस्था अनेक प्रतियोगिताओं का आयोजन कर प्रकृति को बचाने का एक महत्वपूर्ण कार्य कर रही है । अगर हम आज प्रकृति की रक्षा करेंगे, तो प्रकृति हमारी रक्षा करेगी। इसलिए हम सब को मिलकर यह प्रण लेना चाहिए कि हम अपने पर्यावरण को साफ़ और हरा-भरा रखेंगे। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम विद्यार्थियों को प्रकृति से जोड़कर उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित करते है।इस अवसर पर बच्चों द्वारा एक नृत्य नाटिका भी प्रस्तुति की गई, जिसमें वृक्षों को ना काटने का सन्देश दिया गया ।

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