पंचकूला (ललित): एक ओर हरियाणा सरकार पूरे प्रदेश में स्वच्छता अभियान चलाकर साफ-सफाई को बढ़ावा देने का दावा कर रही है, वहीं दूसरी ओर पंचकूला का सबसे बड़ा सरकारी स्वास्थ्य संस्थान सेक्टर-6 नागरिक अस्पताल परिसर और उसके आसपास फैली गंदगी इन दावों पर सवाल खड़े कर रही है।अस्पताल वह स्थान है जहां रोजाना हजारों मरीज और उनके परिजन इलाज की उम्मीद लेकर पहुंचते हैं। लेकिन अस्पताल के आसपास कई स्थानों पर कूड़े के ढेर और गंदा पानी जमा होने से न केवल बदबू फैल रही है, बल्कि मच्छरों के पनपने का भी खतरा बढ़ गया है। ऐसे हालात मरीजों और उनके साथ आने वाले लोगों के स्वास्थ्य के लिए चिंता का विषय बने हुए हैं।निरीक्षण के दौरान अस्पताल परिसर के पीछे, कैंटीन के आसपास तथा मुख्य गेट के निकट, जहां प्रतिदिन जरूरतमंदों के लिए लंगर लगाया जाता है, वहां भी सड़क किनारे कूड़ा बिखरा हुआ दिखाई दिया। कई स्थानों पर गंदा पानी जमा होने से स्वच्छता व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।जब इस संबंध में अस्पताल के पीएमओ डॉ. चौहान से बातचीत की गई तो उन्होंने कहा कि जिन स्थानों पर गंदगी की शिकायत सामने आई है, वहां अगले ही दिन सफाई करवा दी जाएगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि अस्पताल परिसर और आसपास की स्वच्छता व्यवस्था में सुधार किया जाएगा।कैंटीन के आसपास फैली गंदगी के संबंध में पूछे जाने पर डॉ. चौहान ने बताया कि संबंधित बूथ संचालकों को उनके कार्यभार संभालने से पहले ही जगह खाली करने के लिए नोटिस जारी किए जा चुके हैं। हालांकि, उन्होंने कहा कि संबंधित पक्ष न्यायालय का सहारा लेकर वहां बना हुआ है, जिसके कारण प्रशासनिक कार्रवाई फिलहाल लंबित है।अब सवाल यह है कि जब अस्पताल स्वयं स्वास्थ्य सेवाओं का केंद्र है, तो उसके आसपास स्वच्छ वातावरण बनाए रखने की जिम्मेदारी किसकी है? मरीजों और उनके परिजनों का कहना है कि अस्पताल परिसर की नियमित सफाई सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि संक्रमण और बीमारियों का खतरा कम हो सके।फिलहाल सभी की निगाहें इस बात पर हैं कि अस्पताल प्रशासन अपने आश्वासन के अनुसार कितनी जल्दी सफाई व्यवस्था में सुधार करता है।







