पांचवा आयाम (हनुमान शरण पांडे):गोण्डा – उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने शुक्रवार को गोंडा के महाराजा सुहेलदेव सभागार में देवीपाटन मंडल की पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य विभाग की प्रस्तावित और निर्माणाधीन परियोजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने कहा अधिकारियों को गुणवत्ता, समयबद्धता और जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना के तहत लगभग 18.35 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली 16 पर्यटन परियोजनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई।बैठक में वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना के अंतर्गत गोंडा, बहराइच, बलरामपुर और श्रावस्ती जनपदों की कुल 15 पर्यटन परियोजनाओं की समीक्षा की गई। इनमें गोंडा की 7, बहराइच की 4 तथा बलरामपुर की 3 और श्रावस्ती की 2 परियोजनाएं शामिल हैं इन योजनाओं का मुख्य उद्देश्य धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देना श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाएं विकसित करना और प्रमुख आस्था स्थान को आधुनिक पर्यटन सुविधाओं से जोड़ना है।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पर्यटन विकास कार्यों का उद्देश्य केवल आधारभूत ढांचा तैयार थकरना नहीं बल्कि प्रत्येक स्थल की धार्मिक सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान को सुरक्षित रखते हुए पर्यटकों के अनुभव को बेहतर बनाना होना चाहिए उन्होंने कहा एक करोड रुपए तक की सभी निर्माण अधिक परियोजनाओं को नवंबर 2026 तक उच्च गुणवत्ता के साथ हर हाल में पूरा किया जाए तथा सभी कार्यों में जनप्रतिनिधियों के साथ बेहतर समन्वय बनाए रखा जाए । अधिकारियों को निर्देश दिए की 1.5 करोड रुपए तक सभी परियोजनाएं 6 महीने के भीतर पूरी की जाए।धर्मार्थ कार्य कार्य की बैठक में चार महत्वपूर्ण प्रस्ताव प्रस्तुत हुए। इनमें गोंडा गोरखनाथ शिवाला बहराइच के शिव बागेश्वर नाथ मंदिर तथा श्रावस्ती के पांडवों का दिन प्राचीन मुंडा शिवाला मंदिर एवं एक अन्य प्राचीन की वाला के अनुरक्षण कौन देवी कारण और पुनर्विवाह से जुड़े प्रस्ताव शामिल रहे इन योजनाओं का उद्देश्य धार्मिक धरोहरों का संरक्षण करते हुए श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाएं उपकार करना।बैठक में 2024और 20 25=26 के दौरान पर्यटन संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य विभाग निर्माण अधीन परियोजनाओं की प्रगति समीक्षा की गई पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने अधिकारियों को नियमित स्थलीय निरीक्षण निर्माण कार्यों की सतत निगरानी समय पर परियोजनाएं पूरी करने के निर्देश दिए उन्होंने देवीपाटन मंडल की समीक्षा बैठक सभी 18 मंडलों में चल रही पर्यटन विकास अभियान का हिस्सा है जिसका उद्देश्य धार्मिक सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण करते हुए पर्यटन सुविधाओं का विस्तार करना और उत्तर प्रदेश को देश में अग्रणी पर्यटन राज्यों में शामिल करना है।







