कोलकाता : (राजकुमार) भगवान जगन्नाथ की पावन रथयात्रा कोलकाता में श्रद्धा, उत्साह और भक्ति के माहौल में धूमधाम से निकाली गई। इस भव्य धार्मिक आयोजन में देशभर से आए संत-महात्माओं और हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लेकर भगवान जगन्नाथ के जयघोष के साथ यात्रा को सफल बनाया।यात्रा में अघोरी अखाड़ा के आचार्य महामंडलेश्वर डॉ. अघोरी गुरु मणिकंदन महाराज विशेष रूप से शामिल हुए। उनकी उपस्थिति ने श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह का संचार किया। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं ने उनका आशीर्वाद प्राप्त किया और धार्मिक परंपराओं के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की।इस अवसर पर आचार्य महामंडलेश्वर डॉ. अघोरी गुरु मणिकंदन महाराज ने कहा कि भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति, सामाजिक समरसता और मानवता को जोड़ने का महापर्व है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष यात्रा में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और पूरे मार्ग में भक्ति, सेवा और उत्साह का अद्भुत वातावरण देखने को मिला।डॉ. अघोरी गुरु मणिकंदन महाराज ने कहा कि भगवान जगन्नाथ का संदेश सभी को प्रेम, करुणा, सेवा और एकता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। उन्होंने श्रद्धालुओं से सनातन संस्कृति और धार्मिक परंपराओं को आगे बढ़ाने का आह्वान भी किया।यात्रा की विशेष बात यह रही कि काशी से प्रसिद्ध मोनू बाबा, पागल बाबा तथा डमरू दल भी इस भव्य शोभायात्रा में शामिल हुए। डमरू दल की मनमोहक प्रस्तुति और संतों के भजन-कीर्तन ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। श्रद्धालु भगवान जगन्नाथ के जयघोष करते हुए पूरे उत्साह के साथ रथयात्रा में शामिल हुए।आचार्य महामंडलेश्वर डॉ. अघोरी गुरु मणिकंदन महाराज ने यात्रा के सफल आयोजन पर सभी श्रद्धालुओं, आयोजकों और सेवा में लगे स्वयंसेवकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज में आध्यात्मिक चेतना, भाईचारे और सांस्कृतिक एकता को मजबूत करते हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि भगवान जगन्नाथ की कृपा से देश में सुख, शांति, समृद्धि और सद्भाव का वातावरण और अधिक सुदृढ़ होगा।








