डॉ अर्चिता महाजन न्यूट्रीशन डाइटिशियन एवं चाइल्ड केयर मास्टर्स डिग्री इन फूड न्यूट्रिशन एंड डाइटिशियन होम्योपैथिक फार्मासिस्ट एवं ट्रेंड योगा टीचर नॉमिनेटेड फॉर पद्म भूषण राष्ट्रीय पुरस्कार और पंजाब सरकार द्वारा सम्मानित और हिमाचल सरकार द्वारा सम्मानित और लेफ्टिनेंट गवर्नर लद्दाख श्री कविंदर गुप्ता जी द्वारा सम्मानित ने बताया कि जामुन (Black Plum) सेहत के लिए बेहद फायदेमंद है। यह ब्लड शुगर नियंत्रित करने, पाचन सुधारने, इम्युनिटी बढ़ाने और हीमोग्लोबिन की कमी दूर करने में मदद करता है। इसके अलावा, इसके एंटी-ऑक्सीडेंट गुण त्वचा में चमक लाते हैं।बाजार में केमिकल से पकाए गए फलों के साथ-साथ हाइब्रिड फल और सब्जियां भी बड़ी मात्रा में बिक रही हैं। लगभग हर फल और सब्जी अब देसी और हाइब्रिड दोनों किस्मों में उपलब्ध है, ऐसे में ग्राहकों के लिए दोनों में फर्क करना आसान नहीं होता। देसी जामुन का आकार अक्सर छोटे से मीडियम होता है और इसका शेप एक जैसा नहीं दिखता। जबकि हाइब्रिड जामुन का आकार में बड़ा, ज्यादा एक जैसी और चमकदार होता है। ज्यादातर लोग बड़ी जामुन देखकर ही खरीद लेते हैं, क्योंकि इसमें गूदा ज्यादा होता है। असल में वह हाइब्रिड ही होती है।
स्वाद और गूदा
देसी जामुन खाने में अक्सर ज्यादा मीठी और स्वादिष्ट लगती है। इसे खाने पर हल्की-सी खुशबू भी आती है, जिससे इसका स्वाद और अच्छा लगता है। वहीं, हाइब्रिड जामुन में गूदा ज्यादा होता है और इसका आकार भी बड़ा हो सकता है। कई बार हाइब्रिड जामुन देसी जामुन जितनी मीठी नहीं लगती और कुछ में हल्का खट्टापन भी महसूस हो सकता है। हालांकि स्वाद किस्म और पकने के हिसाब से अलग-अलग हो सकता है।
रंग से परखें
देसी जामुन के रंग की बात करें तो बैंगनी और हल्का कालापन हो सकती है। हालांकि, सभी देसी जामुन का रंग एक जैसा नहीं होता। कभी-कभी कुछ जामुन हल्के गुलाबी रंग की भी दिखती है। वहीं, हाइब्रिड जामुन ज्यादा समान रंग और फिनिश वाली चिकनी दिख सकती है।







